आंखें भगवान की वह नियामत हैं जिससे हम इस संसार को देख पाते हैं। यह शरीर का वह अभिन्न अंग है जिससे हम रोजमर्रा का काम धंधा करने के काबिल तो हैं ही, साथ ही कुदरत के रंगों को भी देख पाते हैं। आधुनिक यन्त्र कम्प्यूटर, स्मार्ट फोन, टी वी जैसे यन्त्रों के लगातार इस्तेमाल से अक्सर लोग आंखों की कमजोरी व बीमारियों से परेशान रहते हैं। आंखों की नियमित देखभाल बहुत जरूरी है।

बारिश का पानी

बारिश का पानी आंखों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। बरसात के समय गर्दन ऊपर उठाकर आसानी से आंखों में आने वाली बूंदों को आंखों में डलने दें, इससे आंखें एकदम साफ हो जाती हैं। ध्यान रहे कि बारिश होने के कम कम आधा घंटे बाद ही ऐसा करें, क्योंकि शुरूआती बारिश में धूल के कण मिले होते हैं।

हरी मिर्च

आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए खाने में ताजी हरी मिर्च का लगातार सेवन करें।

त्रिफला

त्रिफला को रात में भिगो दें, अगले दिन सुबह दो से तीन बार अच्छी तरह से छानकर शहद में मिलाकर आंखों में डालने से बहुत फायदा होता है।

आंवला

आंवला विटामिन C से भरपूर होता है और विटामिन C धमनियों के स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है, जिस कारण नेत्रों में रक्त परिसंचरण सही तरीके से होता है। इसके साथ-साथ विटामिन C रेटिना की कोशिकाओं के लिए भी अच्छा होता है ।

आंखों की नियमित जाँच 

साल में एक बार आंखों की जाँच जरूर करवानी चाहिए।

आंख में कुछ गिरने पर

अगर आंख में कुछ गिर जाए तो उसे सख्त कपड़े से साफ नहीं करना चाहिए, बल्कि अंजुलि में साफ पानी भरें और फिर अपनी आंख को उसमें डुबोकर क्लॉकवाइज़ व एंटी-क्लॉकवाइज़ इधर-उधर’ घुमाएं, कुछ ही पलों में आंख में गिरा कण निकल जाएगा।

व्यायाम

नेत्र-व्यायाम करने से नेत्र उत्तकों (Eye Muscles) का लचीलापन बना रहता है। नेत्रों में रक्त परिसंचरण (Blood Flow) अच्छा होता है जिसका सीधा असर हमारी आंखों पर पड़ता है ।

आंखों के लिए कुछ विशेष व्यायाम निम्नलिखित हैं

  1. एक पेंसिल लें, उसे एक हाथ की दूरी पर पकड़ें। अब उसकी नोक पर ध्यान केंद्रित करें और Pencil को धीरे-धीरे अपनी नाक के पास लाएं और फिर दूर ले जाएं। ध्यान रहे, पूरा समय Pencil की नोक से नजर ना हटाएं। ऐसा दिन में 10 बार करने से बहुत लाभ होगा।
  2. आंखों को पांच-पांच सैकिंड क्लॉकवाइस (Clock wise) और एंटीक्लॉकवाइस (anti-clockwise) घुमाएं। ऐसा 5-6 बार करना चाहिए।
  3. 20 से 30 बार तेजी से पलकों को झपकाने से भी बहुत फायदा मिलता है।
  4. आंखों पर जोर डाले बिना दूर की किसी वस्तु पर ध्यान लगाना चाहिए। सबसे बढ़िया विधि है- चाँद पर ध्यान केन्द्रित करना। संध्या या सुबह के समय जल्दी उठकर दूर की हरियाली पर नजर टिका सकते हैं। ऐसा 5 मिनट हर रोज करने से आपको फायदा मिलेगा। इस प्रकार अच्छे परिणामों के लिए यह नेत्र व्यायाम नियमित तौर पर करते रहना चाहिए।

सनिंग और पामिंग (Sunning and Palming) 

सनिंग और पामिंग भी नेत्रों के लैंस के लिए बहुत लाभदायक होता है। सनिंग से जहां हमें सूर्य उपचार क्षमता का फायदा मलता है, वहीं आंखों को पामिंग से भी आराम मिलता है।
  1. सनिंग के लिए आंखों को बंद करके गहरी सांस लेते हुए सूर्योदय के समय सूर्य की तरफ 2 मिनट के लिए देखें। ध्यान रहे, ऐसा करते समय आपकी आंखें बंद रहें ।
  2. पामिंग के लिए, धीरे से दोनों हथेलियों को आपस में रगड़ें और धीरे-धीरे दोनों हाथों से दोनों आंखों को ढक लें। ऐसा दिन में कई बार करें व साथ में किसी अच्छे दृश्य को दिमाग में रखने से भी अच्छा परिणाम मिलता है ।

आहार

अच्छी दृष्टि के लिए गाजर, पालक, मक्का, चुकंदर, मीठे आलू, ब्लूबेरी, ब्रोकोली, गोभी का भरपूर सेवन करें।

आधुनिक यन्त्रों का सीमित प्रयोग

आंखों को सुरक्षित रखने के लिए कम्प्यूटर, आईपैड, स्मार्टफोन से दूरी के साथ ही Life style में बदलाव जरूरी है।

  1. जिस कमरे में कम्प्यूटर हो, उसमें उचित प्रकाश होना जरूरी है। ज्यादा तेज रोशनी भी नहीं होनी चाहिए व प्रकाश व्यक्ति के पीछे से होना चाहिए सामने से नहीं।
  2. जब भी कम्प्यूटर पर लगातार काम करना हो तो हर 20 मिनट के गैप में 20 सैकिण्ड के लिए स्क्रीन से नजरें हटा लेनी चाहिएं और 20 फुट दूर किसी निश्चित बिंदू पर ध्यान केंद्रित करें।
  3. हर रोज रात को सोने से पहले अपनी आंखों को साफ ठण्डे पानी से धोना चाहिए।

लेंस

बेहतर लेंस का प्रयोग करें या चौंध रहित चश्मा पहनें एवं चौंध रहित स्क्रीन का प्रयोग करना चाहिए। जब कभी भी स्क्रीन के सामने घंटे भर तक बैठना पड़े तो Dry Eyes से बचने के लिए पलकों को धीरे-धीरे झपकाते रहना चाहिए।

हरी घास

सुबह-शाम नंगे पैर हरी घास पर चलना व हरियाली को निहारना भी आँखों की रोशनी बढ़ाता है व आँखों को ताजगी प्रदान करता है।